दिल्ली में सीएम का सादगी संदेश, काफिला छोड़ मेट्रो में किया सफर
प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत और संयमित उपयोग की अपील का असर अब मध्यप्रदेश सरकार की कार्यशैली में भी दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने नई दिल्ली में अपने काफिले को छोड़कर आम नागरिकों की तरह मेट्रो ट्रेन से सफर किया। यात्रा के दौरान उन्होंने लोगों से बातचीत की और उनके विचार भी जाने।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवाजी स्टेडियम से दिल्ली एरोसिटी तक मेट्रो में सफर किया। इस दौरान यात्रियों के साथ उनका आत्मीय संवाद देखने को मिला। मेट्रो में मौजूद कुछ महिलाओं ने मध्यप्रदेश की सुंदरता की सराहना करते हुए बताया कि वे प्रदेश के कई क्षेत्रों का भ्रमण कर चुकी हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने उनका आभार व्यक्त किया।
यात्रा के दौरान सीएम ने लोगों को बताया कि विकास और विश्वास को साथ लेकर कैसे आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को मध्यप्रदेश सरकार गंभीरता से लागू कर रही है और इसी उद्देश्य से नई गाइडलाइन भी तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना समय की जरूरत है। इससे देश का विदेशी मुद्रा खर्च घटेगा और विदेशों पर निर्भरता भी कम होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि देश को मजबूत बनाना है तो जीवनशैली में अनुशासन और बदलाव अपनाना जरूरी होगा।
केन्द्रीय मंत्रियों से मिले सीएम
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu, केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi और Manohar Lal Khattar से मुलाकात की। इन बैठकों में संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
एमपी सरकार ने बनाई गाइडलाइन
मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्चुअल कैबिनेट बैठकों को बढ़ावा दे रही है। साथ ही मंत्रियों और निगम-मंडलों के पदाधिकारियों को भी ईंधन बचत के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार द्वारा तैयार गाइडलाइन के तहत सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और अनावश्यक वाहनों की संख्या कम करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद मुख्यमंत्री पहले ही अपने कारकेड में वाहनों की संख्या घटा चुके हैं। उन्होंने मंत्रियों से भी अपील की है कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए कम गाड़ियों का उपयोग करें और जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। अब मुख्यमंत्री के दौरों में वाहन रैली भी नहीं निकाली जाएगी।