नव तारण गैस एजेंसी का दावा: मान्य प्रक्रिया के तहत हो रही थी सिलेंडर की डिलीवरी, फिर भी 1079 सिलेंडर जब्त
भोपाल। नव तारण गैस एजेंसी ने अपने ऊपर लगाए गए कालाबाजारी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा है कि एजेंसी पूरी पारदर्शिता के साथ उपभोक्ताओं तक एलपीजी सिलेंडर पहुंचा रही थी। एजेंसी द्वारा उपभोक्ता से 100 परसेंट DAC ओटीपी द्वारा सिलेंडर डिलीवर किया जा रहे हैं. एजेंसी का दावा है कि जिस दिन कार्रवाई हुई, उस समय वाहन दो उपभोक्ताओं के बुक आधारित डिलीवरी के लिए पहुंचा था, लेकिन अचानक अधिकारियों ने वाहन को रोककर कालाबाजारी की आशंका जताते हुए कार्रवाई शुरू कर दी।
एजेंसी संचालक का कहना है कि जांच के दौरान अधिकारियों ने सिलेंडरों का वजन, सील और अन्य आवश्यक मानकों की जांच की, जिसमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली। इसके बावजूद कुल 1079 सिलेंडर जब्त कर लिए गए। उनका कहना है कि कस्टमर अपने मोबाइल से ही बुकिंग करता है और डिलीवरी होने पर DAC डिलीवरी बॉय को देता है और डिलीवरी होने के बाद कस्टमर को मैसेज आता है कि आप कोई टंकी डिलीवर हो गई है इस तरह से यदि 100 प्रतिशत DAC के साथ डिलीवरी हो रही है तो सिलेंडर हितग्राही को ही मिल रहे हैं और इसमें कालाबाजारी जैसी अनियमितता कैसे हो सकती है, लेकिन ऐसा कुछ सामने नहीं आया।
एजेंसी का आरोप है कि बिना किसी ठोस सबूत के उन्हें कालाबाजारी से जोड़कर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। संचालक का कहना है कि एजेंसी के पास सभी आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध हैं और वे जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उनका विश्वास है कि निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आएगी।
एजेंसी संचालक ने यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना अंतिम जांच रिपोर्ट आए एजेंसी को दोषी ठहराने से वर्षों में अर्जित उनकी साख प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रशासनl से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक करने और निर्दोष होने की स्थिति में एजेंसी की प्रतिष्ठा बहाल करने की मांग की है।