लाड़ली बहना-लाड़ली लक्ष्मी योजना को अगले 5 साल जारी रखने की तैयारी, मोहन कैबिनेट में 18 प्रस्तावों पर मंथन
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की दिशा में फैसला लेने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में कैबिनेट बैठक शुरू हो चुकी है। बैठक में 8 प्रमुख विभागों से संबंधित 18 प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है। इनमें जनकल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता, नई योजनाओं की शुरुआत, सरकारी कर्मचारियों से जुड़े विषय और विभिन्न न्यायालयीन आदेशों के पालन से जुड़े मामले शामिल हैं।
महिला एवं बाल विकास की योजनाओं पर फैसला
महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का प्रस्ताव रखा है। योजना में केंद्र सरकार की 60 प्रतिशत और राज्य सरकार की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 को लगातार संचालित करने तथा मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के वर्तमान कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रस्ताव
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से कई मौजूदा योजनाओं को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसमें उप स्वास्थ्य केंद्रों की निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा अस्पतालों और औषधालयों के भवन निर्माण से संबंधित योजनाएं शामिल हैं। आशा कार्यकर्ताओं को दिया जाने वाला अतिरिक्त प्रोत्साहन जारी रखने के प्रस्ताव पर भी बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
नर्मदा संरक्षण के लिए बनेगा नमन मिशन
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ (नमन मिशन) गठित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके माध्यम से नर्मदा नदी से जुड़े संरक्षण और विकास कार्यों को संस्थागत स्वरूप देकर आगे बढ़ाने की योजना है।
कृषि विभाग की तीन योजनाओं को पांच साल की मंजूरी
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की 500 करोड़ रुपए से कम वित्तीय आकार वाली तीन योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने का प्रस्ताव है। इन योजनाओं की प्रस्तावित अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक रखी गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र के लिए 20 हेक्टेयर जमीन
सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम भाउखेड़ी में कृषि विज्ञान केंद्र के निर्माण के लिए आईसीएआर (नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट) को भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव है। कुल 36.022 हेक्टेयर सरकारी भूमि में से 20 हेक्टेयर जमीन स्थायी पट्टे पर आवंटित की जाएगी।
सड़क विकास निगम में 35 नए पद
लोक निर्माण विभाग ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के कामकाज को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए स्वीकृत संरचना में 35 नए पद बनाने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही पहले से स्वीकृत 7 पदों को 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच वर्षों तक बनाए रखने का विषय भी कैबिनेट के समक्ष रखा गया है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की तीन योजनाएं जारी रहेंगी
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने तीन योजनाओं को निरंतर संचालित करने का प्रस्ताव दिया है। इनमें ‘अनुसंधान, योजना तथा विकासीय गतिविधियां’, ‘निर्देशन एवं प्रशासन’ तथा ‘विज्ञान को लोकप्रिय करना, विज्ञान के प्रसार हेतु सहायता’ शामिल हैं।
पुलिसकर्मियों के इलाज के बिलों पर निर्णय
गृह विभाग के एजेंडे में पुलिस विभाग से संबंधित दो चिकित्सा मामलों को शामिल किया गया है। दोनों मामलों में राज्य से बाहर निजी अस्पतालों में कराए गए उपचार के देयकों के भुगतान की स्वीकृति मांगी गई है। इनमें भोपाल जिले के निरीक्षक कर्ण सिंह और छतरपुर जिले के सहायक उप निरीक्षक स्व. चन्द्रभान सिंह से संबंधित मामले हैं।
सेवानिवृत्त वनपाल की पेंशन रोकने का प्रस्ताव
वन विभाग ने सेवानिवृत्त तत्कालीन वनपाल रघुवीर सिंह यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव रखा है। इसमें नुकसान की राशि वसूलने के साथ उनकी 10 प्रतिशत पेंशन तीन वर्षों तक रोकने का विषय शामिल है।
सहकारी निरीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच
सहकारिता विभाग ने सेवानिवृत्त सहकारी निरीक्षक प्रवीण जैन के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा है।
न्यायालयीन मामलों पर भी होगी चर्चा
जनजातीय कार्य विभाग के एजेंडे में उच्च न्यायालय, इंदौर में लंबित WP 8659/2009 में उर्मिला चौहान से संबंधित मामला शामिल है। इसके साथ मध्यप्रदेश शासन के WA 112/2023 तथा सुप्रीम कोर्ट के SLP(C) 8787/2025, CONC 2579/2022 और CONC 6028/2023 के आदेशों के पालन से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में रखे गए हैं। एक अन्य प्रस्ताव में रिट पिटीशन क्रमांक 7523/2003 (ओ.ए. 1540/1992) में उच्च न्यायालय, जबलपुर के 16 जनवरी 2006 के निर्णय के अनुपालन का विषय शामिल है। इसमें प्रोग्रामर्स के नियमितीकरण से संबंधित मामला भी रखा गया है। कैबिनेट बैठक में इन सभी प्रस्तावों पर विचार के बाद सरकार की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।