33% आरक्षण रोकने वालों को मातृशक्ति देगी करारा जवाब: CM मोहन यादव बोले- युवा राजनीति, नीति-निर्माण और कृषि में भी बढ़ाएं भागीदारी
भोपाल। राजधानी में गुरुवार को आयोजित ‘संसद यूथ पार्लियामेंट 2.0’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। विधानसभा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे युवा प्रतिनिधियों को उन्होंने भारत की विविधता का प्रतीक बताते हुए इसे ‘मिनी इंडिया’ जैसा स्वरूप बताया।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे। मध्य प्रदेश के साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के 58 से अधिक शहरों और कस्बों से युवा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के अलावा NSS, NCC, युवा संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों ने संसदीय व्यवस्था, नीति-निर्माण और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर विचार साझा किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की विशाल युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को सिर्फ डॉक्टर, इंजीनियर या वकील बनने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें राजनीति, नीति-निर्माण और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी अपनी भूमिका बढ़ानी चाहिए। उनके मुताबिक लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए नई पीढ़ी का लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़ना बेहद जरूरी है।
महिला आरक्षण पर CM ने रखी बात
महिला भागीदारी और आरक्षण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आधी आबादी को आगे बढ़ने से रोकना संभव नहीं है। उन्होंने मातृशक्ति की भूमिका को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से देश विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण को रोकने वालों को मातृशक्ति करारा जवाब देगी।
UCC को बताया सहभागिता का उदाहरण
समान नागरिक संहिता (UCC) का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि कानून बनाने की प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों और धर्मों के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों तथा आम नागरिकों से सुझाव लिए गए। उनके अनुसार इस दौरान साढ़े तीन करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचकर राय ली गई और 76 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम महिलाओं ने UCC का समर्थन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ केवल एक नारा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे धरातल पर लागू करना जरूरी है।
राम मंदिर फैसले का किया उल्लेख
अयोध्या मामले की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करना और उसके निर्णय को लागू करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा को राजनीतिक इच्छाशक्ति का उदाहरण बताया डॉ. यादव ने मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार किया और राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में भी शामिल हुए।
स्वतंत्रता सेनानियों से युवाओं को प्रेरणा लेने की अपील
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायकों भगत सिंह, वीर सावरकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी को श्रद्धापूर्वक याद किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित ICS परीक्षा पास करने के बाद भी उन्होंने देश की आजादी को प्राथमिकता दी और अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया।
उन्होंने युवाओं से कहा कि आज भारत स्वतंत्र है और अब नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह दुनिया में देश की प्रतिष्ठा और सम्मान को और मजबूत करे। मुख्यमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवा प्रतिनिधियों का मध्य प्रदेश में स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।