MP : ‘राई’ लोक नृत्य को दुनियाभर में पहचान दिलाने वाले राम सहाय पांडे हुए पद्मश्री से सम्मानित, दुर्गा बाई व्योम भी शामिल

सागर के राम सहाय पांडे को सोमवार को राष्ट्रपति भवन में महामहिम रामनाथ कोविंद ने पद्म श्री से सम्मानित किया। बता दें, राम सहाय पांडे जाने-माने राई नर्तक और बुंदेलखंड के लोक कलाकार हैं। उन्हें कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पद्मश्री सम्मान मिला है। यह राई नृत्य को नहीं छोड़ने और उसके लिए सामाजिक बेड़ियों को तोड़ने की उनकी हिम्मत व हौसलें का भी सम्मान है। उन्होंने लोक संस्कृति को जीवंत रखने का काम किया है। मध्यप्रदेश के सागर जिले के 95 वर्षीय रामसहाय पाण्डेय बुंदेलखंड के प्रसिद्ध नृत्य राई में पारंगत हैं।

दुर्गा बाई व्योम को भी पद्मश्री

दुर्गा बाई मात्र छह साल की बालपन की उम्र से कला साधना कर रहीं हैं। उन्होंने डिगना कला की विलक्षण चित्रकार व कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनके इस कार्य और समर्पण के लिए दुर्गा बाई व्योम को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित होने पर सम्मानित किया गया। बता दें, दुर्गा बाई मंडला जिले के बुरबासपुर में पैदा हुईं थींं। जब वह छह साल की थीं, तभी से उन्‍होंने अपनी मां से डिगना की कला सीखी।

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