भगोरिया को राजकीय पर्व एवं सांस्कृतिक धरोहर के रूप में स्थापित किया जाएगा – मुख्यमंत्री शिवराज

जैसा देश वैसा भेष की कहावत चरितार्थ करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अलग अंदाज में आज भगोरिया उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा के साथ भगोरिया नृत्य भी किया। मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी साधना सिंह भी मौजूद थी। मुख्यमंत्री चौहान ने एक खुली जीप में नगर भ्रमण कर नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणजन ढोल-मांदल की थाप पर पारंपरिक वेषभूषा पहन कर भगोरिया नृत्य करते हुए वाहन के आगे-आगे चल रहे थे।

अपनेपन का एहसास कराने का कार्य शिवराज बखूबी जानते हैं इसलिए बच्चों के बीच मामा, तो बहनों के बीच भाई, इसी तरह आदिवासियों के बीच उनको अपनापन एहसास कराने के लिए नृत्य हो या कपड़े या उनकी जैसी बोली बोलकर अपनापन ला ही देते हैं शिवराज।

मुख्यमंत्री चौहान ने भगोरिया उत्सव के दौरान स्थानीय बस स्टेंड पर सभा को संबोधित भी किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हमारे त्यौहार, जीवन-मूल्य एवं उत्सव के पल आनंदित करते हैं। आज भगोरिया उत्सव है, मैं सभी भाई-बहनों को भगोरिया की बधाई और शुभकामनाएँ देता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगोरिया उत्सव जनजातीय परंपरा का अभिन्न अंग और लोक उत्सव है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि भगोरिया को राजकीय पर्व के रूप में मनाया जाएगा और इसे सांस्कृतिक धरोहर के रूप में स्थान दिया जाएगा

मुख्यमंत्री चौहान ने ग्राम सोरवा में बाबा छीतू किराड़ के किले का जीर्णोद्धार, उनका भव्य स्मारक बनाने और अलीराजपुर में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोंडवा स्थित रानी काजल माता मंदिर से धनबायडी तक 3 किलोमीटर लम्बाई की सड़क का निर्माण भी किया जाएगा

सोंडवा विकासखंड के 106 ग्रामों में नर्मदा जल पहुँचाने के लिए शीघ्र सर्वे कराया जाएगा। हमारे जनजातीय भाई-बहनों के खेतों में, जहाँ नहरों से पानी नहीं आ पा रहा है, वहाँ पाइप लाइन डाल कर खेतों तक पानी पहुँचाया जायेगा

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