BRICS कृषि मंत्रियों के सम्मेलन में बोले शिवराज सिंह चौहान, छोटे किसानों को मजबूत बनाने पर रहेगा विशेष फोकस
इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैश्विक शांति, सहयोग और कृषि क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का प्रभाव दुनिया भर के किसानों पर पड़ रहा है, इसलिए ब्रिक्स देशों को मिलकर इनके समाधान तलाशने होंगे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत सदैव शांति, एकता और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने वाला देश रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का मूल मंत्र संघर्ष नहीं बल्कि समन्वय है, और यही सोच वैश्विक कृषि विकास के लिए भी मार्गदर्शक बन सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि छोटे और सीमांत किसान आज जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव और बाजार की अनिश्चितताओं जैसी कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में ब्रिक्स मंच इन चुनौतियों के सामूहिक समाधान खोजने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटे किसानों की मजबूती ही वैश्विक खाद्य सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है और भारत भी इसी दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
भारत की कृषि प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में कृषि क्षेत्र ने औसतन 4.5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की है देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर लगभग 376 मिलियन टन तक पहुंच गया है। वहीं गेहूं उत्पादन करीब 118 मिलियन टन, बागवानी उत्पादन 378 मिलियन टन से अधिक और मत्स्य उत्पादन 19 मिलियन टन से ऊपर पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 43 प्रतिशत आबादी की आजीविका कृषि पर निर्भर है। कृषि क्षेत्र देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ करोड़ों लोगों के रोजगार का भी प्रमुख आधार है। इस दौरान उन्होंने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
युवा शक्ति की भूमिका पर बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग से युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है इससे खेती अधिक आधुनिक, लाभकारी और आकर्षक बन रही है।
उन्होंने ब्रिक्स सदस्य देशों से आह्वान किया कि सभी मिलकर छोटे किसानों के सशक्तीकरण, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि विकास के लिए साझा प्रयास करें। उनके अनुसार अनुभवों के आदान-प्रदान और नीतिगत सहयोग से वैश्विक कृषि को नई दिशा मिलेगी।
मेघदूत गार्डन में विकसित की गई BRICS वाटिका
ब्रिक्स सम्मेलन की स्मृति को स्थायी बनाने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम ने मेघदूत गार्डन में लगभग 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में BRICS वाटिका तैयार की है। इस विशेष उद्यान में नीम, आंवला, कदम और पीपल सहित कई फलदार एवं छायादार पौधे लगाए जाएंगे।
सम्मेलन में शामिल विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शनिवार सुबह 34 पौधों का रोपण करेंगे। आयोजन की तैयारियों के तहत मेघदूत गार्डन का सौंदर्यीकरण भी किया गया है परिसर में नई टाइल्स लगाई गई हैं, फव्वारों की मरम्मत कराई गई है और रंग-रोगन सहित अन्य विकास कार्य पूरे किए गए हैं।