उज्जैन में ‘मास्टर ऑफ टाइम’ सम्मेलन की शुरुआत, सीएम का ऐलान—टाइम कैपिटल के रूप में होगा विकास

उज्जैन को अब केवल धार्मिक नगरी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे विज्ञान और कालगणना के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को तारामंडल परिसर में आयोजित ‘महाकाल : द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर कही।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय समय मापन प्रणाली की सटीकता पर जोर देते हुए इसे विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान 15 करोड़ रुपए से अधिक लागत से बने साइंस सेंटर का उद्घाटन भी किया गया। वहीं, आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 19 किलोमीटर लंबी फोरलेन बायपास सड़क के निर्माण का भूमिपूजन किया गया, जिस पर 701 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। साथ ही, 22 करोड़ रुपए की लागत से विक्रमादित्य हेरिटेज होटल के निर्माण की योजना भी सामने रखी गई।

विज्ञान और आध्यात्म का संगम बना उज्जैन

कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उज्जैन एक ऐसा शहर है जहां विज्ञान और आध्यात्म का अद्भुत मेल दिखाई देता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अब समय आ गया है जब भारत की प्राचीन कालगणना परंपरा को वैश्विक मंच पर फिर से स्थापित किया जाए।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उज्जैन के डोंगला क्षेत्र को कालगणना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। एक रोचक प्रसंग साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जब उन्होंने एआई से पूछा कि क्या कर्क रेखा उज्जैन से गुजरती है, तो इसका उत्तर हां में मिला।

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Open chat
Hello 👋
For more details contact us