सूचना क्रांति के वर्तमान युग में डाटा उतना जरूरी , जितना सांस लेना,CM

भोपाल,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में ‘तथ्य आधारित सामाजिक और आर्थिक विकास’ पर आयोजित सम्मेलन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधन किया,मुख्यमंत्री ने कहा मैं कोई अर्थशास्त्री नहीं हूं, लेकिन इतना जरूर जानता हूं कि नीतियां बनाने, निर्णय लेने और उसके क्रियान्वयन में डाटा की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है।सूचना क्रांति के वर्तमान युग में डाटा उतना ही जरूरी है, जितना सांस लेना।डाटा केवल सूचना का स्त्रोत नहीं है, यह ज्ञान का भी स्त्रोत बन गया है।अब डाटा के आधार पर जब आप नीतियां और योजनाएं बनाएंगे, तो यह जरूरी है कि डाटा शुद्ध और सटीक हो।डाटा आधारित सुशासन की प्रणाली के उद्देश्य से मध्यप्रदेश ने कई कदम उठाए हैं…मध्‍यप्रदेश में सभी नीतियां और योजनाएं प्रभावी ठंग से लागू हो सकें, जरूरत के अनुसार उनमें संशोधन किए जा सकें व उनका सही से मूल्‍यांकन हो,  इसके लिए प्रदेश में मूल्‍यांकन एवं प्रभाव आकलन केंद्र की स्‍थापना की जा रही है।यदि डाटा विश्वसनीय नहीं होगा, तो नीतियां भी प्रभावी नहीं होंगी और नीतियां प्रभावी नहीं हुईं, तो प्रदेश का विकास अवरुद्ध हो जायेगा।एनडीएपी का उपयोग कर मध्‍यप्रदेश, डाटा एंड एनालिटिक्स प्‍लेटफॉर्म को एक एग्रीगेटर प्‍लेटफॉर्म के रूप में विकसित किए जाने पर भी विचार कर रहा है।

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