तीन विभागों की समीक्षा बैठक में सीएम मोहन यादव ने नवाचार और राजस्व वृद्धि पर दिया जोर
मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने सोमवार को ऊर्जा विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और आयुष विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में नवाचार बढ़ाने के साथ-साथ राजस्व वृद्धि के लिए भी लगातार प्रयास किए जाएं।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने 2500 करोड़ रुपए के नुकसान को कम करने में सफलता हासिल की है और इस तरह के प्रयास आगे भी जारी रहने चाहिए। साथ ही उन्होंने मजरों और टोलों के सभी घरों तक बिजली से जुड़े लंबित कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली बिलों की वसूली और नगद संग्रहण में सुधार हुआ है, इसे लगातार बनाए रखने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई जाए। उन्होंने जबलपुर में “वन नेशन वन ग्रिड” के तहत प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने को भी कहा।
बैठक में जानकारी दी गई कि मार्च 2024 में प्रदेश की कुल विद्युत क्षमता में नवकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 33 प्रतिशत हो गई है। दो साल पहले जहां 5 हजार 690 मेगावॉट बिजली नवकरणीय स्रोतों से तैयार हो रही थी, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 8 हजार 608 मेगावॉट पहुंच चुका है। इसमें सबसे बड़ा योगदान 5 हजार 376 मेगावॉट सौर ऊर्जा का है, जबकि पवन और अन्य स्रोतों से 3 हजार 232 मेगावॉट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।
हर आयुष विंग में खुलेगी पंचकर्म यूनिट
आयुष विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने “वयोमित्र” कार्यक्रम को बुजुर्गों की डोर-टू-डोर आयुष सेवाओं के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि “कारूण्य” योजना के तहत असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में अच्छा काम किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के साथ हुए एमओयू के तहत प्रदेश में 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें खजुराहो, ओंकारेश्वर, चंदेरी, चित्रकूट, पचमढ़ी और ओरछा सहित उज्जैन, दतिया, मंदसौर, आलीराजपुर, सिंगरौली और आगर-मालवा को शामिल किया गया है।
आयुष विंग में पंचकर्म यूनिट स्थापित करने की तैयारी
सरकार द्वारा प्रत्येक आयुष विंग में पंचकर्म यूनिट स्थापित करने की तैयारी भी की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश के 22 जिलों के एलोपैथी अस्पतालों में आयुष विंग शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। पांच नए आयुर्वेदिक कॉलेज और 12 जिलों में 50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल स्थापित करने का कार्य भी प्रगति पर है। श्रम विभाग के साथ समन्वय कर करीब 13 लाख कर्मचारी राज्य बीमा से जुड़े श्रमिक परिवारों को आयुष पद्धति के तहत कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में आयुष को शामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीदी की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से ऐसा मॉडल तैयार करने को कहा, जिसमें गेहूं की प्रोसेसिंग और ग्रेडिंग जैसे कार्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के सहयोग से किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया में स्व-सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन द्वारा गोदामों में भंडारण क्षति कम करने के लिए कर्मचारियों को भारतीय प्रबंध संस्थान मुंबई में प्रशिक्षण दिलाने की पहल की भी सराहना की।