महिला आरक्षण पर बीजेपी का तेवर तेज: भोपाल में सीएम मोहन यादव का ऐलान, कल निकलेगी आक्रोश रैली
भोपाल। महिला आरक्षण बिल को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत गरमा गई है। रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा कि लोकतंत्र इस समय एक अहम मोड़ पर खड़ा है और संसद में जो घटनाएं हुईं, वे बेहद दुखद और निंदनीय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण से जुड़े संविधान के 131वें संशोधन बिल को लोकसभा में पारित नहीं करा सकी, जो निराशाजनक है।
सीएम यादव ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस तरह संसद में महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा उठा, वह बेहद पीड़ादायक रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने शुरुआत से ही सभी दलों को अपनी बात रखने का मौका दिया था। इसके लिए प्रधानमंत्री ने खुला पत्र भी लिखा, ताकि किसी को यह शिकायत न रहे कि चर्चा का अवसर नहीं मिला।
नारी शक्ति वंदन पदयात्रा का ऐलान
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब यह मुद्दा जनता के बीच ले जाया जाएगा। सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन पदयात्रा’ निकाली जाएगी, जो पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से चलेगी। जिला स्तर से लेकर नगरीय निकायों तक प्रदर्शन होंगे और निंदा प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। साथ ही, विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर इस विषय पर चर्चा और प्रस्ताव लाने की भी तैयारी है।
विपक्ष पर तीखा हमला
सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया गया है और इसका सच जनता के सामने लाया जाएगा। उनका कहना था कि यह अभियान अब हर स्तर पर चलेगा और सरकार पीछे हटने वाली नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2023 में जिस कानून को सभी दलों ने समर्थन दिया था, अब उसी मुद्दे पर विपक्ष पलट गया है। उनके अनुसार, चुनाव नजदीक होने पर समर्थन और समय रहते विरोध करना विपक्ष की दोहरी नीति को दर्शाता है।
उत्तर-दक्षिण विवाद पर भी बोले सीएम
सीएम यादव ने जनसंख्या और सीटों के मुद्दे पर कहा कि 1971 की तुलना में देश की आबादी अब 140 करोड़ से अधिक हो चुकी है, इसलिए सीटों में भी बढ़ोतरी जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विवाद बेवजह खड़ा किया जा रहा है और सभी क्षेत्रों में संतुलित वृद्धि होगी।
प्रदेशभर में होगा जन-जागरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में पदयात्राएं और आक्रोश सभाएं आयोजित की जाएंगी। नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत स्तर तक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर भी इस विषय को उठाया जाएगा।
खंडेलवाल का बयान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि संसद में आधी आबादी से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर विपक्ष का रुख महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया।
रेखा वर्मा का आरोप
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा हुई, लेकिन विपक्ष ने इसका समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि 70 वर्षों से महिलाएं 33% आरक्षण की मांग कर रही हैं और सरकार इसे लागू करना चाहती थी, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका।
कुल मिलाकर, महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा ने अब प्रदेशभर में आंदोलन की रणनीति बना ली है और इसे लेकर राजनीतिक माहौल और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।