CM और प्रदेश अध्यक्ष का संकेत: भाजपा अब अध्यक्ष के साथ उपाध्यक्ष और सदस्यों की पूरी टीम एक साथ करेगी घोषित

भोपाल। प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अब नया संकेत सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि अब केवल निगम-मंडलों के अध्यक्षों की घोषणा नहीं होगी, बल्कि उपाध्यक्ष और सदस्यों के नाम भी एक साथ जारी किए जाएंगे। यानी इस बार पूरी टीम एक साथ घोषित की जाएगी।

शुक्रवार को भाजपा कार्यालय में संभाग और जिला प्रभारियों की बैठक में सीएम ने बताया कि पहले सिर्फ अध्यक्षों के नाम घोषित करने की योजना थी, लेकिन अब निर्णय बदला गया है। सभी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 3-4 दिन के भीतर प्रमुख लोगों से नाम एकत्र करें। संभावना है कि मई तक पूरी सूची जारी हो जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, निगम-मंडल, आयोग और प्राधिकरणों के अध्यक्ष पद के लिए 23 नाम दिल्ली भेजे गए थे और वहां से सूची वापस भी आ चुकी है। पहले एक सप्ताह में घोषणा की तैयारी थी, लेकिन अब उपाध्यक्ष और सदस्यों को भी शामिल करने के कारण प्रक्रिया में देरी होगी। एक संस्था में 2-3 उपाध्यक्ष और 4-5 सदस्य तक नियुक्त किए जा सकते हैं, इसी वजह से समय बढ़ाया गया है।

बैठक के दौरान उपाध्यक्ष और सदस्यों के चयन को लेकर भी चर्चा हुई। खंडेलवाल ने इसे एक अभियान की तरह चलाने की बात कही, जिस पर प्रदेश मंत्री राजेंद्र सिंह ने इसे “समरसता अभियान” नाम देने का सुझाव दिया। साथ ही यह भी कहा गया कि कार्यकर्ता और पदाधिकारी किसी भी निगम-मंडल से अधिक महत्वपूर्ण होते हैं वहीं प्रभारियों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यदि किसी को दूर जिले में काम करने में कठिनाई हो रही है, तो वह जानकारी दें। ऐसे प्रभारियों को बदला जाएगा और नए जिम्मेदार नियुक्त किए जाएंगे।

कलेक्टरों के साथ योजनाओं की समीक्षा

इधर, प्रशासनिक स्तर पर भी मुख्यमंत्री सक्रिय नजर आए। मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने कमिश्नरों और कलेक्टरों के साथ योजनाओं की समीक्षा की। जल गंगा संवर्धन और संकल्प से समाधान अभियान पर जोर देते हुए अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।

सीएम ने कहा कि कलेक्टर नियमित रूप से गांवों का दौरा करें, लोगों से संवाद बढ़ाएं और गांवों में रात्रि विश्राम भी करें, ताकि जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत हो सके। गेहूं खरीदी को लेकर भी उन्होंने निर्देश दिए कि छोटे किसानों को प्राथमिकता मिले, समय पर भुगतान हो और केंद्रों पर छाया, पानी, बारदाना और ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था हो। अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी के अनुसार अब तक 1.13 लाख किसानों से 4.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है और 355 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

हर बूथ पर 150 कार्यकर्ताओं तक पहुंचने का लक्ष्य तय

संगठनात्मक मजबूती पर भी बैठक में जोर दिया गया। तय किया गया कि हर बूथ पर कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। अब 30 नामों पर एक पन्ना प्रमुख के बजाय 5 नामों पर एक पन्ना प्रमुख बनाया जाएगा, जिससे एक बूथ पर करीब 150 कार्यकर्ता सक्रिय रहेंगे। यदि यह मॉडल सफल रहा तो एक मंडल में 6-7 हजार और विधानसभा स्तर पर 45 से 50 हजार तक कार्यकर्ताओं की संख्या पहुंच सकती है।बैठक में आगामी कार्यक्रमों, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग-2026 पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि संगठन की सफलता कार्यकर्ताओं की एकजुटता पर निर्भर करती है और सभी को मिलकर काम करना होगा।

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