जनगणना की शुरुआत: 30 अप्रैल तक खुद भरें घर की जानकारी, 1 मई से होगा सत्यापन

भोपाल। प्रदेश में जनगणना प्रक्रिया का पहला चरण शुरू हो चुका है, जिसमें अब नागरिक स्वयं अपने मकान और परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस में स्व-गणना फॉर्म भरकर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की।

30 अप्रैल तक स्व-गणना का मौका

जनगणना आयुक्त के निर्देशानुसार मकानों की गणना का कार्यक्रम 30 मई तक चलेगा। इसके तहत 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस अवधि में कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपने घर से जुड़ी जानकारी दे सकता है।

1 मई से घर-घर पहुंचेगी टीम

स्व-गणना के बाद 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन करेंगे। जिन लोगों ने ऑनलाइन जानकारी नहीं भरी होगी, उनकी जानकारी मौके पर ही एकत्र कर सॉफ्टवेयर में अपलोड की जाएगी।

पोर्टल और समय

सेल्फ एनुमरेशन पोर्टल https://se.census.gov.in रोज सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक खुला रहेगा। पूरी प्रक्रिया में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगेगा।

लोकेशन मार्क करना जरूरी

ऑनलाइन फॉर्म भरते समय डिजिटल मैप पर अपने घर की सटीक लोकेशन सेट करनी होगी। यह काम लैपटॉप या डेस्कटॉप पर आसान रहेगा, हालांकि मोबाइल से भी पूरा किया जा सकता है। इसके लिए पिनकोड अनिवार्य होगा।

स्व-गणना से जुड़ी जरूरी बातें

स्व-गणना क्या है?
यह एक ऑनलाइन प्रक्रिया है, जिसमें नागरिक खुद अपने घर और परिवार की जानकारी दर्ज करते हैं। बाद में प्रगणक केवल आईडी देखकर सत्यापन करते हैं।

कहां और कैसे करें?
https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर 15–20 मिनट में प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

क्या जानकारी देनी होगी?
परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर जरूरी होगा। एक मोबाइल नंबर से एक ही परिवार का रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा।

लोकेशन कैसे सेट होगी?
जिला और पिनकोड दर्ज करने के बाद मैप खुलेगा, जिसमें लाल मार्कर को अपने घर पर सेट करना होगा।

कितने सवाल पूछे जाएंगे?
मकान और परिवार से जुड़े कुल 33 सवाल होंगे, जिनमें घर की संरचना, पानी-बिजली, शौचालय, गैस, टीवी, मोबाइल, वाहन और अनाज जैसी जानकारी शामिल है।

सबमिट करने के बाद क्या मिलेगा?
डेटा भरने के बाद 11 अंकों की सेल्फ एनुमरेशन आईडी मिलेगी, जिसे सेव या स्क्रीनशॉट के रूप में रखा जा सकता है।

क्या बाद में सुधार संभव है?
फाइनल सबमिट के बाद खुद बदलाव नहीं कर सकते। जरूरत पड़ने पर प्रगणक के आने पर सुधार कराया जा सकेगा।

प्रगणक आने पर क्या करना होगा?
केवल अपनी सेल्फ एनुमरेशन आईडी दिखानी होगी। मिलान सही होने पर डेटा स्वीकार कर लिया जाएगा।

स्व-गणना करने का आसान तरीका

  • पोर्टल पर जाकर मध्यप्रदेश चुनें
  • परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें
  • ओटीपी से वेरिफिकेशन करें
  • भाषा का चयन करें
  • पिनकोड डालकर लोकेशन सेट करें
  • 33 सवालों के जवाब भरें
  • डेटा जांचकर सबमिट करें
  • 11 अंकों की आईडी सुरक्षित रखें

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